गोगामेडी पशु मेले में धूमधाम से आयोजित की गई पशु प्रतियोगिता, विभिन्न राज्यों के पशुपालकों ने लिया भाग

गोगामेडी पशु मेले में धूमधाम से आयोजित की गई पशु प्रतियोगिता, विभिन्न राज्यों के पशुपालकों ने लिया भाग

गोगामेडी में पशुपालन का उत्सव

हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं पर स्थित गोगामेडी में हाल ही में आयोजित पशु मेला देशभर के पशुपालकों के लिए एक प्रमुख आयोजन बन गया है। इस मेले का आयोजन पशुपालन विभाग और दुग्ध डेयरी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया गया, जिसमें हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों के पशुपालकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

 

प्रतियोगिता का आयोजन और प्रमुख आकर्षण

इस मेले के तहत आयोजित की गई पशु प्रतियोगिता ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न नस्लों के पशुओं ने भाग लिया, जिनमें साहिवाल गाय, मुर्रा भैंस और ऊंट प्रमुख थे। ऊंट नृत्य और ऊंट सवारी प्रतियोगिता भी मेले का मुख्य आकर्षण रही।

 

साहिवाल गाय की प्रतियोगिता में विक्रम छानी बड़ी ने पहला स्थान प्राप्त किया, हेमंत नोहर ने दूसरा और देवेंद्र कनवानी रावतसर ने तीसरा स्थान हासिल किया। मुर्रा भैंस की प्रतियोगिता में रामधन भिरानी ने पहला स्थान प्राप्त किया, राजेंद्र महेरिया खारिया ने दूसरा और सुरेंद्र खिचड़ रामगढ़ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। ऊंट सवारी प्रतियोगिता में राजेश जाट रामगढ़ ने प्रथम स्थान, मेमून मंदरपुरा ने द्वितीय स्थान और हंसराज मोडी सिरसा ने तृतीय स्थान हासिल किया।

 

घोड़ी नस्ल और ऊंट नृत्य प्रतियोगिता

मेले में घोड़ी नस्ल और ऊंट नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। घोड़ी नस्ल में संजीव कुमार पीरकामडिया ने पहला स्थान, मोहनसिंह पन्नीवाली ने दूसरा और सुभाष रामपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। ऊंट नृत्य प्रतियोगिता में प्रवीण जसूसर ने पहले, विजेंद्र सीकर ने दूसरे और सुभाष झुंझुनू ने तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया।

पुरस्कार और सम्मान

प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिसमें विभिन्न पुरस्कार राशि शामिल थी। घोड़ी, गाय और भैंस प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः 11,000, 5,100 और 2,100 रुपये के पुरस्कार मिले। ऊंट नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान के विजेता को 21,000 रुपये, द्वितीय को 11,000 रुपये और तृतीय को 5,100 रुपये दिए गए। ऊंट सवारी प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः 8,400, 4,400 और 2,000 रुपये के पुरस्कार दिए गए, साथ ही प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, पांच अन्य पशुपालकों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।

 

मेला के आयोजन की सफलता

संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस प्रतियोगिता में पशुपालकों ने अत्यधिक उत्साह दिखाया। निर्णायक मंडल में टांडिया यूनिवर्सिटी श्रीगंगानगर के पशुपालन विभाग के निदेशक सुरेंद्र बुडानिया शामिल थे। मेला मजिस्ट्रेट पंकज गढ़वाल ने पुरस्कार वितरित किए और पशुपालकों को शुभकामनाएं दीं।

इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी पवन शर्मा, सरस डेयरी के प्रबंध निदेशक अग्रसेन सहारन, डॉ. जान मोहम्मद, अभिजीत कूकना, भीमसेन मिश्रा, डॉ. आरके शर्मा, डॉ. विकास और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। मेले में ऊंट नृत्य और घोड़ी प्रजनन योग्य प्रतियोगिता का रोमांच देखते ही बन रहा था, जो पशुपालकों और दर्शकों के बीच एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

गोगामेडी के इस आयोजन ने न केवल पशुपालन के क्षेत्र में नये मानक स्थापित किए, बल्कि विभिन्न राज्यों के पशुपालकों के बीच एकजुटता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया।

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