हरियाणा में मानसून का असर : 29 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मानसून, आज इन जिलों में होगी झमाझम बारिश

हरियाणा में मानसून का असर : 29 सितंबर तक सक्रिय रहेगा मानसून, आज इन जिलों में होगी झमाझम बारिश

मानसून की स्थिति और आगामी बारिश का पूर्वानुमान

हरियाणा में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अभी पूरी तरह से सक्रिय नहीं हो पाई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून 29 सितंबर तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान, प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने पंचकूला, अंबाला और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में मौसम की खराबी की संभावना जताई है।

 

17-18 सितंबर के मौसम की विशेष रिपोर्ट

मौसम विभाग ने 17-18 सितंबर को हरियाणा के कई जिलों में मौसम के खराब रहने की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 18 सितंबर को महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में संभावित तेज बारिश और thunderstorms के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और आवश्यक सावधानियां बरतने की हिदायत दी गई है।

 

अब तक की बारिश और मानसून का असर

मानसून सीजन के दौरान अब तक प्रदेशभर में कुल 390.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह आंकड़ा सामान्य 401.1 मिलीमीटर से केवल 3 फीसदी कम है, जो इस सीजन की बारिश की स्थिति को दर्शाता है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 15.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो कि मानसून की सक्रियता का संकेत है। हालांकि, जुलाई महीने में पिछले 5 वर्षों की तुलना में सबसे कम बारिश हुई है, जिससे बारिश के पैटर्न में असामान्यता देखी जा रही है।

 

प्रभावित जिलों में मौसम की स्थिति

हरियाणा के जिन जिलों में मानसून की कमी देखने को मिली है, उनमें प्रमुख रूप से छह जिलों का नाम शामिल है। इन जिलों में सामान्य से कम बारिश के कारण किसानों और स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, इन जिलों में आगामी दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव की संभावना है।

 

फसल पर असर और सतर्कता

मानसून के असमान वितरण का सीधा असर फसल की वृद्धि और कृषि गतिविधियों पर पड़ा है। किसानों को इस सीजन में बारिश की कमी के कारण फसल की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए, मौसम विभाग और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों में आवश्यक जल प्रबंधन और सावधानियों को अपनाएं। इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने भी किसानों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है और आवश्यक मदद प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

 

हरियाणा में मानसून की गतिविधियां अब तक अपेक्षित मात्रा में सक्रिय नहीं हो पाई हैं, लेकिन आगामी दिनों में संभावित बारिश की आशा बनी हुई है। 29 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा और इस दौरान विभिन्न जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से 18 सितंबर को कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की सलाह दी जाती है।

 

आशा है कि आगामी दिनों में प्रदेश में मौसम में सुधार आएगा और किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। मौसम की इस असामान्यता के बावजूद, सभी नागरिकों को सुरक्षित रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।

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