देवरिया : आरोपी के घर दबिश देने गई पुलिस ने महिलाओं को हड़काया, दारोगा बोले- बुलडोजर से गिरा देंगे घर

देवरिया : आरोपी के घर दबिश देने गई पुलिस ने महिलाओं को हड़काया, दारोगा बोले- बुलडोजर से गिरा देंगे घर

दारोगा की अभद्रता का वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना प्रभारी रणजीत सिंह भदौरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दारोगा रणजीत सिंह भदौरिया को आरोपी के घर दबिश देने के दौरान महिलाओं से अभद्रता करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में दारोगा महिलाओं से कहते सुनाई दे रहे हैं, “क्या तुम्हारे बाप के गुलाम हैं हम? क्या तुम्हारा दिया हुआ खाते हैं? जब तुझे पता है कि तेरा आदमी मुल्जिम है तो हाजिर क्यों नहीं होता है?”

दबिश के दौरान महिलाओं से अभद्रता

भटनी पुलिस ने आरोपी के घर दबिश देने के दौरान महिलाओं के साथ असभ्य व्यवहार किया। दारोगा रणजीत सिंह ने आरोपी के घर की महिला से कहा कि यदि आप जमानत कराने की बात कह रही हैं तो जमानत क्यों नहीं करा लेतीं, “हम तो ढूंढ ही लेंगे, बुलडोजर लगाकर घर गिरा देंगे।” इसके साथ ही, पुलिस ने एक बुजुर्ग के साथ भी दुर्व्यवहार किया और उसे अपने साथ ले गई। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर वे रोने-बिलखने लगीं।

वीडियो की सच्चाई और पुलिस की कार्रवाई

वीडियो को किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब वायरल हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दबिश देने आई पुलिस टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। इस मामले में देवरिया पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि वीडियो 4-5 दिन पुराना है।

मामला क्या है?

भटनी थाना क्षेत्र के ग्राम भरौली में चुनाव के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। भरौली निवासी अवनीश शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने गांव के आनंद गुप्ता, कन्हैया गुप्ता और परमानंद गुप्ता समेत पांच लोगों के खिलाफ धारा 307 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने आनंद गुप्ता और उसके पिता कन्हैया गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन वे जमानत पर छूट गए थे। परमानंद गुप्ता अभी भी फरार है, और पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस की दबिश के दौरान महिलाओं से की गई अभद्रता और दारोगा की असंवेदनशील टिप्पणी ने एक गंभीर मुद्दा पैदा कर दिया है। वीडियो की वायरल होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और इस मामले में जांच की मांग की जा रही है। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि कानून को लागू करने में पुलिस को पेशेवर और संवेदनशील रहना चाहिए। देवरिया पुलिस को अब इस मामले में ठोस कार्रवाई करनी होगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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