हरियाणा पुलिस का बड़ा खुलासा : राजस्थान में साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश

हरियाणा पुलिस का बड़ा खुलासा : राजस्थान में साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश

हरियाणा पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ था। झज्जर जिले के साइबर थाने की पुलिस टीम ने राजस्थान के आरजिया में एक छापेमारी के दौरान लाखों रुपये की नकदी और साइबर धोखाधड़ी में उपयोग होने वाले उपकरणों को बरामद किया है।

 

शिकायत और छापेमारी की प्रक्रिया

यह मामला तब सामने आया जब बहादुरगढ़ के निवासी जितेंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जितेंद्र ने बताया कि उसे टॉस्क के नाम पर 21 लाख 90 हजार 331 रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया था। इस शिकायत के आधार पर झज्जर के साइबर थाना में सहायक उप निरीक्षक सविता और उनकी टीम ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए राजस्थान के आरजिया में दबिश देने का निर्णय लिया।

 

छापेमारी का संचालन

पुलिस ने आरजिया में एक मकान पर छापेमारी की, लेकिन वहां आरोपी जाकिर नहीं मिला। हालांकि, छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्रियां मिलीं, जो साइबर फ्रॉड के लिए उपयोग की जा रही थीं। पुलिस की कार्रवाई ने साबित कर दिया कि ये गिरोह एक संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसकी जड़ें गहरी थीं।

 

बरामद किए गए सामान

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामग्रियां बरामद की :

– 9 लाख 97 हजार रुपये कैश
– 27 मोबाइल फोन
– तीन कीपेड मोबाइल फोन
– एक करंसी काउंटिंग मशीन
– एक सीसीटीवी कैमरा
– 27 अलग-अलग विभागों की मोहर
– एक पीओएस मशीन
– एक हार्ड ड्राइव
– 68 एटीएम कार्ड
– 37 पैन कार्ड
– 27 आधार कार्ड
– 7 ड्राइविंग लाइसेंस
– 13 वोटर आईडी कार्ड
– गैमिंग सिस्टम मशीन
– 96 फोन पे स्कैनर
– 17 सीडी कंप्यूटर
– 30 फोन पे स्कैनर स्पीकर
– दो लैपटॉप
– एक टैबलेट
– चार पासपोर्ट
– 65 बैंक चेकबुक
– 60 बैंक पासबुक
– 56 मोबाइल सिम
– 7 पहचान पत्र
– एक राउटर
– एक वाई-फाई सिम
– दो वॉकी टॉकी सेट
– 7 पैन ड्राइव
– एक हिटची एटीएम डेबिट कार्ड

 

इन सामग्रियों से स्पष्ट होता है कि गिरोह ने अपनी धोखाधड़ी के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया था और यह मामला गंभीर है।

गिरफ्तारियां और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी, रतनलाल, जो कि राजस्थान के अलवर जिले के करोथ गांव का निवासी है, को गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि वे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही उन्हें भी पकड़ने की कोशिश की जाएगी।

 

यह घटना हरियाणा पुलिस की प्रभावशीलता को दर्शाती है और यह भी बताती है कि साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस कितनी सक्रियता से काम कर रही है। इस प्रकार के गिरोहों का पर्दाफाश करना महत्वपूर्ण है, ताकि आम जनता को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और संभावित अपराधियों को संदेश मिलेगा कि वे कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।

 

हरियाणा पुलिस की यह सफलता एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे तकनीकी उपकरणों और सूचनाओं के माध्यम से पुलिस ने एक संगठित अपराध को सुलझाने में सफलता हासिल की। आगे भी ऐसी कार्रवाइयों की आवश्यकता है, ताकि समाज से इस प्रकार के अपराधों का उन्मूलन किया जा सके।

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