बजरंग पूनिया ने NADA को कोर्ट में घसीटा : वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भागीदारी पर संकट

बजरंग पूनिया ने NADA को कोर्ट में घसीटा : वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भागीदारी पर संकट

भारत के प्रमुख पहलवान और ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया ने नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह कदम उन्होंने अक्टूबर में आयोजित होने वाली वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप को लेकर उठाया है। बजरंग पर लगाए गए प्रतिबंध के चलते उनकी इस महत्वपूर्ण चैम्पियनशिप में भागीदारी पर संकट आ गया है।

 

NADA द्वारा बजरंग पूनिया पर लगाया गया प्रतिबंध

यह मामला इस साल मार्च का है जब NADA ने बजरंग पूनिया पर प्रतिबंध लगा दिया। NADA के अनुसार, बजरंग ने 10 मार्च को सोनीपत में ट्रायल्स के दौरान डोप टेस्ट के लिए यूरीन का नमूना देने से इनकार कर दिया था। NADA के डोपिंग कंट्रोल अधिकारी (DCO) के कई अनुरोधों के बावजूद, बजरंग ने नमूना देने से मना कर दिया, उनका कहना था कि जब तक NADA एक्सपायरी किट के मुद्दे पर उनके ईमेल का जवाब नहीं देती, वे नमूना नहीं देंगे।

 

NADA ने बजरंग को भेजे गए नोटिस में कहा गया कि उन्होंने डोप टेस्ट के लिए यूरीन का सैम्पल देने से इंकार किया, और इसके चलते उन पर डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। इसके बाद, उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।

 

बजरंग की याचिका में क्या है दावा?

बजरंग पूनिया ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर NADA के फैसले को चुनौती दी है। याचिका में उन्होंने बताया कि डोपिंग कंट्रोल अधिकारी टेस्ट के लिए एक्सपायरी किट ला रहे थे या फिर एक ही किट लेकर आ रहे थे, जो WADA प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। इसके अलावा, अधिकारियों ने मैच के बीच में नमूना लेने की कोशिश की, जिससे बजरंग को मुकाबले में व्यस्त कर दिया जाता और वे मैच हार सकते थे।

 

याचिका में यह भी कहा गया कि सैम्पल गैर-अधिकृत डोपिंग कंट्रोल अधिकारियों द्वारा लिया जा रहा था, जिनका नाम NADA के मिशन ऑर्डर में नहीं था। बजरंग ने 11 जुलाई 2024 को अपना स्पष्टीकरण पेश किया था, लेकिन NADA ने अब तक इसका जवाब नहीं दिया और न ही सुनवाई का कोई अवसर प्रदान किया।

 

वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप पर प्रभाव

बजरंग पूनिया की वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप में भागीदारी पर प्रतिबंध का असर पड़ सकता है। यह चैम्पियनशिप अक्टूबर 2024 में आयोजित होनी है, और इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में बजरंग की भागीदारी भारतीय पहलवानी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

बजरंग ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज की हैं और उनके बिना इस चैम्पियनशिप का भारतीय टीम पर बड़ा असर पड़ सकता है। उनके समर्थकों और खेल प्रेमियों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा ताकि वे वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भाग ले सकें।

 

बजरंग पूनिया का NADA के खिलाफ कोर्ट में जाना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो डोपिंग रोधी नियमों और उनकी संजीवनी शक्ति पर सवाल उठाता है। यह मामला भारतीय खेल जगत में एक बड़े विवाद की शुरुआत कर सकता है और इसके परिणाम भविष्य में डोपिंग नियंत्रण के नियमों पर भी असर डाल सकते हैं। अब देखना यह है कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय लेता है और बजरंग पूनिया की वर्ल्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप में भागीदारी पर क्या असर पड़ता है।

 

 

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