हरियाणा बीजेपी में बड़ा खेला : रोहताश जागड़ा ने नामांकन वापस लिया, प्रदेशाध्यक्ष को खबर तक नहीं

हरियाणा बीजेपी में बड़ा खेला : रोहताश जागड़ा ने नामांकन वापस लिया, प्रदेशाध्यक्ष को खबर तक नहीं

हरियाणा की राजनीति में इन दिनों एक नया तूफान उठ रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच टिकटों के लिए घमासान मचा हुआ है, लेकिन हाल ही में बीजेपी के अंदर एक बड़ा खेला देखने को मिला है। सिरसा विधानसभा से बीजेपी के प्रत्याशी रोहताश जागड़ा ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया है, और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को इसकी जानकारी तक नहीं है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

 

रोहताश जागड़ा का नामांकन वापस लेना: रहस्य और सच्चाई

बीजेपी के प्रत्याशी रोहताश जागड़ा ने सिरसा विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन वापस ले लिया है। इस अचानक के कदम ने न केवल बीजेपी के नेताओं को चौंका दिया है, बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कदम उस समय आया है जब भाजपा और कांग्रेस के बीच टिकटों के लिए भयंकर संघर्ष चल रहा है।

 

चर्चाओं का बाजार गरम है कि भाजपा ने हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) को सिरसा में समर्थन देने का फैसला किया है। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है, और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने इस खबर से साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें रोहताश जागड़ा के नामांकन वापस लेने की कोई जानकारी नहीं है, और इस मुद्दे पर उन्होंने अपने संगठन के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करने की बात कही है।

 

मोहन लाल बड़ौली की प्रतिक्रिया: स्थिति की स्पष्टता का अभाव

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने मीडिया के सामने इस बात को स्पष्ट किया कि उन्हें रोहताश जागड़ा के नामांकन वापस लेने की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “इस बारे में हमें कोई सूचना नहीं मिली है। हम इस पर जांच करेंगे और प्रत्याशी से पूछताछ करेंगे कि आखिर क्यों उन्होंने अपना नामांकन वापस लिया।”

 

बड़ौली ने भाजपा के समर्थन की बात को भी खारिज किया और कहा कि गोपाल कांडा को भाजपा का समर्थन मिलने की बात पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और पार्टी अपने सभी उम्मीदवारों के चयन में न्यायपूर्ण तरीके से काम करती है।

 

कांग्रेस की स्थिति: असमंजस और गुटबाजी

कांग्रेस पार्टी की स्थिति भी इन दिनों काफी असमंजस में है। मोहन लाल बड़ौली ने कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा झूठ और लूट की राजनीति की है। उनका कहना है कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ धोखा कर रही है और पार्टी में अंतर्कलह बढ़ रही है।

 

बड़ौली ने राहुल गांधी पर भी हमला बोला और कहा कि उनकी आरक्षण को समाप्त करने की मानसिकता लोगों के सामने आ चुकी है। उन्होंने कांग्रेस के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह भी नहीं पता कि हरियाणा में उनका मुख्यमंत्री कौन होगा। बड़ौली ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस में विद्रोह और गुटबाजी का माहौल है और कुमारी सैलजा का अपमान हो रहा है।

 

केजरीवाल का भी कांग्रेस की तरह होगा हाल?

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल हरियाणा में आएंगे तो जनता उन्हें भी जवाब देगी। उनका इशारा साफ था कि कांग्रेस और आप दोनों ही हरियाणा में सत्ता की उम्मीदों में सफल नहीं होंगे।

इस राजनीतिक उठा-पटक ने हरियाणा की राजनीति को एक नई दिशा दी है, और आगामी चुनावों में बीजेपी की रणनीतियों और कांग्रेस के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी अपने विवादों को सुलझा पाएगी और कांग्रेस अपनी गुटबाजी को नियंत्रित कर पाएगी।

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