हरियाणा में जेजेपी को बड़ा झटका : बावल विधानसभा सीट पर रामेश्वर दयाल ने नामांकन वापस लिया और पार्टी छोड़ी
जेजेपी उम्मीदवार रामेश्वर दयाल ने पार्टी छोड़ दी
हरियाणा के रेवाड़ी जिले से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आई है। जेजेपी (जेजेपी) के उम्मीदवार और पूर्व विधायक रामेश्वर दयाल ने बावल विधानसभा सीट पर अपना नामांकन वापस ले लिया है और पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। यह कदम उनके द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के प्रति किए गए आरोपों के बाद उठाया गया है।
रामेश्वर दयाल ने 7 अक्टूबर को बावल विधानसभा सीट पर नामांकन दाखिल किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी चुनाव प्रचार में उनका सहयोग नहीं कर रहे थे। उनके अनुसार, जब उन्होंने नामांकन दाखिल किया, उसके बाद कोई भी पार्टी कार्यकर्ता दफ्तर नहीं आया, जिससे चुनाव लड़ना उनके लिए असंभव हो गया।
पार्टी पर सहयोग नहीं करने का आरोप
रामेश्वर दयाल ने कहा कि पार्टी के अंदरूनी मामलों और चुनाव प्रचार में पार्टी के सहयोग की कमी ने उन्हें यह कठोर निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया। उनका कहना है कि बिना कार्यकर्ताओं और समर्थन के चुनाव लड़ना उनके लिए एक चुनौती बन गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के लोग उनके साथ पूरी तरह से नदारद थे और उनकी चुनावी तैयारियों में कोई भी सहयोग नहीं कर रहे थे।
इस स्थिति के बाद, जेजेपी के जिलाध्यक्षों ने रामेश्वर दयाल को नामांकन वापस लेने से रोकने की कोशिश की और उन पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाया। लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका और रामेश्वर दयाल ने अपनी बात पर अडिग रहते हुए नामांकन वापस ले लिया और पार्टी को अलविदा कह दिया।
जेजेपी के लिए गंभीर संकट
रामेश्वर दयाल का पार्टी छोड़ना और नामांकन वापस लेना जेजेपी के लिए एक बड़ा झटका है। पार्टी की आंतरिक गड़बड़ी और चुनाव प्रचार में सहयोग की कमी से पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है। बावल विधानसभा क्षेत्र में जेजेपी की चुनावी रणनीति पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रामेश्वर दयाल का यह कदम जेजेपी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। पार्टी के अंदरूनी संकट और उम्मीदवारों की असंतोषजनक स्थिति ने उनके चुनावी अभियान को धक्का पहुंचाया है।
राजनीतिक परिदृश्य पर प्रभाव
हरियाणा की राजनीति में यह घटना एक नई दिशा ले सकती है। रामेश्वर दयाल का पार्टी छोड़ना और नामांकन वापस लेना अन्य दलों के लिए एक अवसर हो सकता है। उनके नामांकन वापसी के बाद, अन्य दलों के लिए बावल सीट पर चुनावी मुकाबला आसान हो सकता है।
इसके अलावा, इस घटनाक्रम ने हरियाणा में जेजेपी की संगठनात्मक संरचना और नेतृत्व की समस्याओं को भी उजागर किया है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस स्थिति से निपटने के लिए तेजी से कदम उठाने की आवश्यकता होगी, ताकि आगामी चुनावों में उन्हें और अधिक समस्याओं का सामना न करना पड़े।
हरियाणा के रेवाड़ी जिले से आई यह खबर जेजेपी के लिए एक बड़ा झटका है। रामेश्वर दयाल की पार्टी छोड़ने और नामांकन वापस लेने की घटना ने जेजेपी की चुनावी रणनीति को प्रभावित किया है। पार्टी को अब अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान करना होगा और अपने चुनावी अभियान को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इस घटनाक्रम के बाद, हरियाणा की राजनीति में कई नई संभावनाएं और चुनौतियाँ उभर सकती हैं।
