कार क्लोनिंग: सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदना भी नहीं खतरे से खाली,जाने ये बाते।

 

कार क्लोनिंग क्या है?

आजकल सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदना आम बात हो गई है, लेकिन इसके साथ ही कार क्लोनिंग जैसे धोखाधड़ी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। कार क्लोनिंग एक गैरकानूनी प्रक्रिया है, जिसमें चोर गिरोह चोरी की गई कार के चेसिस नंबर, इंजन नंबर और अन्य पहचान चिह्नों को बदलकर उसे एक वैध कार की तरह पेश करते हैं। इस तरह, खरीदार को यह विश्वास दिलाया जाता है कि वह एक असली गाड़ी खरीद रहा है, जबकि वह दरअसल एक चोरी की गाड़ी खरीद रहा होता है।

कैसे होती है कार क्लोनिंग?

कार क्लोनिंग में अपराधी आमतौर पर चोरी की गई कारों के साथ काम करते हैं। वे इन गाड़ियों के पहचान चिह्नों को बदलकर एक नई पहचान देते हैं, जिसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचा जा सकता है। ये गिरोह अक्सर सेकेंड हैंड कार बेचने वाली कंपनियों के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करते हैं, जिससे उन्हें चोरी की गाड़ियों को बेचने में मदद मिलती है।

हाल ही में, नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है, जो लग्जरी कारों को ऑनलाइन बेचता था। इस गिरोह ने कई लोगों को अपनी चपेट में लिया, जिन्हें चोरी की गाड़ियाँ बेची गई थीं।

कार क्लोनिंग के खतरे

कानूनी अड़चन

यदि आप एक क्लोन कार खरीदते हैं, तो आपको कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस और कानून की नजर में यह कार चोरी की मानी जाएगी, जिससे आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।

आर्थिक नुकसान

क्लोन कार खरीदने से आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। यदि यह कार कभी जब्त की जाती है, तो आपका निवेश पूरी तरह से बेकार हो जाएगा।

सुरक्षा जोखिम

क्लोन कार की सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। यह संभव है कि इस कार का उपयोग किसी अपराध में किया गया हो, जिससे आपकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।

ठगी से बचने के उपाय

पुलिस ने इस तरह की ठगी से बचने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। नोएडा के थाना सेक्टर 63 के सब-इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने बताया कि जब भी आप गाड़ी खरीदने जाएं, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के पेपर तैयार करते समय अपना मोबाइल नंबर डालें। किसी दलाल या ब्रोकर का नंबर न दें।

गाड़ी की जाँच

गाड़ी खरीदने से पहले, एक बार एजेंसी जाकर उस गाड़ी को स्कैन करवाना न भूलें। इससे आपको इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ECM) यूनिट से असली चेसिस नंबर प्राप्त होगा। इसके बाद, पुरानी आरसी और जिस गाड़ी को आप खरीद रहे हैं, उसके चेसिस नंबर का मिलान करना आवश्यक है।

विश्वासनीय स्रोत से खरीदें

सेकेंड हैंड कार खरीदते समय, हमेशा किसी विश्वासनीय स्रोत से खरीदारी करें। ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर खरीदते समय ध्यान दें कि विक्रेता की पहचान और उसकी विश्वसनीयता की जाँच करें।

 

कार क्लोनिंग एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जो सेकेंड हैंड कार खरीदने वालों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। खरीददारी करने से पहले सावधानी बरतना और सही प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। इसलिए, यदि आप सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने का सोच रहे हैं, तो इन सुझावों को ध्यान में रखें ताकि आप धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें। इस प्रकार, जागरूक रहकर आप अपनी गाड़ी खरीदने की प्रक्रिया को सुरक्षित और सफल बना सकते हैं।

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