हरियाणा में फर्जी CBI अधिकारियों का खुलासा : 5 आरोपी गिरफ्तार , 14.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी

हरियाणा में फर्जी CBI अधिकारियों का खुलासा : 5 आरोपी गिरफ्तार , 14.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी

ठगी का मामला: 14.72 लाख रुपये की धोखाधड़ी

हरियाणा के रोहतक जिले से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक महिला से 14.72 लाख रुपये की ठगी करने वाले पांच सदस्यों के गैंग को गिरफ्तार किया है। यह घटना न केवल ठगी की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को भी उजागर करती है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

 

गिरफतारी की प्रक्रिया

जांच अधिकारी पीएसआई सीमंत ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए पहले बिकानेर के निवासी मनोज और दिनेश को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों, जिनमें राजस्थान के नागपुर निवासी अरविंद, झुंझुनू निवासी हिमांशु और दीपक शामिल हैं, को भी गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी एक संगठित ठगी के मामले को उजागर करती है, जहां तकनीकी ज्ञान का दुरुपयोग किया गया।

 

ठगी की विधि: कैसे हुआ मामला

इस मामले की शुरुआत 9 अगस्त को हुई, जब पीजीआईएमएस निवासी भावना के पास एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने दावा किया कि भावना के नाम पर हैदराबाद में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से एक क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है। जब भावना ने इस बात से इनकार किया, तो महिला ने उसे डराया और कहा कि उसकी कॉल को हैदराबाद पुलिस को ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके बाद एक व्यक्ति ने भावना से कहा कि वह हैदराबाद पुलिस का अधिकारी है और उसे अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड दिखाने को कहा।

 

नजरबंद करके ठगी का खेल

आरोपियों ने भावना को यह बताकर और अधिक डराया कि उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने का केस दर्ज है। उन्होंने कहा कि अगर वह गिरफ्तारी से बचना चाहती है, तो उसे तीन-चार दिन तक खुद को नजरबंद रखना होगा और किसी से बात नहीं करनी होगी। इसके लिए उन्होंने उसे वीडियो कॉल के माध्यम से नजर रखने की धमकी दी।

 

इस दौरान, आरोपियों ने भावना को झूठे कागजात दिखाए और कहा कि उन्हें पैसे ट्रांसफर करने होंगे ताकि जांच की जा सके। डर के मारे, भावना ने उनकी बातों में आकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 14 लाख 72 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। फिर जब आरोपियों ने और पैसे की मांग की, तो भावना ने कहा कि उसके पास और पैसे नहीं हैं, जिससे आरोपियों ने उसे डराया कि उसकी गिरफ्तारी की तिथि बढ़ा दी जाएगी।

 

साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता

यह मामला न केवल एक ठगी का मामला है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है। साइबर अपराधियों द्वारा आम नागरिकों को डराकर ठगी करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को चाहिए कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश को गंभीरता से लें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

 

हरियाणा पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कि एक सराहनीय कदम है। लेकिन समाज को भी चाहिए कि वे इस प्रकार के ठगों से सावधान रहें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी को साझा करने से बचें। इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, ताकि समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।

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