भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, और सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इनमें से एक प्रमुख योजना फेम-2 (FAME-2) थी, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ते और उपलब्ध बनाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना था। लेकिन अब इस योजना के तहत कुछ प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा ऑटोटेक सहित छह अन्य कंपनियों को सरकार की जांच में फेम-2 योजना के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है, और अब उन्हें आगामी ईवी योजनाओं से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
फेम-2 योजना के उल्लंघन का मामला
भारत सरकार ने फास्टर एडॉप्शन ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME-2) योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन दिया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित करना था ताकि प्रदूषण कम हो और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता घटे।
केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने पाया कि हीरो इलेक्ट्रिक, ओकिनावा ऑटोटेक, और अन्य कंपनियों ने इस योजना के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया है। इन कंपनियों ने ईवी पार्ट्स का आयात किया और स्थानीय सोर्सिंग को पर्याप्त नहीं किया, जो कि इस योजना के तहत अनिवार्य था। इसके अलावा, इन कंपनियों ने गलत तरीके से प्राप्त किए गए प्रोत्साहन को वापस करने में भी देरी की है।
क्यों ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा?
सरकार की जांच में पाया गया कि हीरो इलेक्ट्रिक, ओकिनावा ऑटोटेक, और बेंगलिंग इंडिया ने फेम-2 योजना के तहत प्राप्त प्रोत्साहन राशि को अब तक वापस नहीं किया है। जबकि अन्य कंपनियां जैसे एएमओ मोबिलिटी, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, और रिवॉल्ट मोटर्स ने अपनी गलत तरीके से प्राप्त की गई राशि को वापस कर दिया है, इन तीन कंपनियों ने अभी तक प्रोत्साहन वापस नहीं किया।
इस स्थिति को देखते हुए, हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा ऑटोटेक को आगामी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS 2024) जैसी योजनाओं से हटा दिया जा सकता है। यह कार्रवाई इस आधार पर की जा रही है कि इन कंपनियों ने सरकार के बार-बार भेजे गए मेल का जवाब नहीं दिया और प्रोत्साहन राशि वापस करने में असफल रहे।
सरकार की अगली कार्रवाई
सरकार ने इस मामले में अपनी अगली कार्रवाई का भी खुलासा किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हीरो इलेक्ट्रिक और बेंगलिंग इंडिया को डिबारमेंट (वर्जित करना) की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसका मतलब है कि इन कंपनियों को आगामी ईवी योजनाओं से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, और वे भविष्य में सरकारी योजनाओं से कोई भी लाभ नहीं उठा सकेंगी। हालांकि, ओकिनावा ऑटोटेक को फिलहाल अदालत में चल रहे मामले की वजह से ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है, लेकिन भविष्य में इस पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
ईवी क्षेत्र के भविष्य पर असर
सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS 2024) इस बार फेम-2 योजना का स्थान लेगी। यह योजना 500 करोड़ रुपये के बजट के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है। इसके तहत दोपहिया वाहनों पर 10,000 रुपये तक की सब्सिडी और तिपहिया वाहनों पर 50,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य भारत में ईवी बुनियादी ढांचे को और भी मजबूत करना है। ऐसे में यदि कुछ प्रमुख कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाता है, तो इसका असर निश्चित रूप से उनके व्यापार और समग्र ईवी क्षेत्र पर पड़ेगा।
हीरो इलेक्ट्रिक और ओकिनावा ऑटोटेक सहित कुछ अन्य कंपनियों को सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने की योजना, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। सरकार की योजनाओं में इन कंपनियों के खिलाफ उठाए गए कदम, ईवी क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर कंपनियों ने प्रोत्साहन राशि वापस नहीं की, तो उन्हें सरकारी योजनाओं से बाहर कर दिया जाएगा, जिससे उद्योग में नए बदलावों का आगाज हो सकता है।
