हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 : कैथल में रणदीप सुरजेवाला का बड़ा दावा
कांग्रेस की मुख्यमंत्री पद की होड़
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर गुटबाजी का सामना करना पड़ रहा है। कभी भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कभी कुमारी सैलजा और अब रणदीप सुरजेवाला, हर कोई मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नजर आ रहा है। ऐसे में कैथल में आयोजित जनसभा में रणदीप सुरजेवाला ने एक बड़ा दावा किया, जिसने चुनावी चर्चा को और भी गर्म कर दिया है।
“अगर मैं मुख्यमंत्री होता…”
कैथल में जनसभा के दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “अगर मैं मुख्यमंत्री होता तो 100-200 करोड़ तो कैथल के लोगों को ऐसे ही दे जाता।” यह बयान सुरजेवाला की उस नाराजगी को दर्शाता है जो उन्हें वर्तमान बीजेपी सरकार के कामकाज के प्रति है। उनका कहना है कि बीजेपी सरकार के 10 साल के शासन में कैथल 20 साल पीछे चला गया है। सुरजेवाला ने कहा, “इस शहर ने मुझे मौका दिया था, शहर की सेवा करने का, लेकिन बीजेपी ने इस शहर को हताशा और निराशा की बलि चढ़ा दिया।”
बीजेपी पर आरोप: “शहर को रेहड़ी मार्केट बना दिया है”
सुरजेवाला ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। परिवार पहचान पत्र, प्रोपर्टी आईडी, जमीनों पर कब्जे, दुकानों पर टूटते ताले और रंगदारी की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन चीजों का निर्माण उनके समय में हुआ था, उनपर बीजेपी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। सुरजेवाला ने आगे कहा, “सड़कें टूटी पड़ी हैं, जो काम अधूरे रह गए थे, वो अधूरे ही हैं, और पूरे शहर को रेहड़ी मार्केट बना दिया है।”
“मैं इस शहर का पुराना मिस्त्री हूं”
रणदीप सुरजेवाला ने अपनी पुरानी उपलब्धियों को याद दिलाते हुए कहा, “मैं इस शहर का पुराना मिस्त्री हूं, जब घर की तार खराब हो जाती है, फ्यूज उड़ जाता है तो पुराने मिस्त्री को बुलाया जाता है। मैंने इस शहर को अपने हाथ से मंदिर की तरह बनाया है। अब मैं आपसे यहीं अपील करने आया हूं कि आप मुझे अपनी पुरानी नौकरी वापस दे दिजिए मिस्त्री वाली, ताकि मैं इस शहर में फिर से विकास का काम कर सकूं।”
चुनावी समर में सुरजेवाला की चुनौती
रणदीप सुरजेवाला का यह बयान और उनका आत्मविश्वास दर्शाता है कि वह हरियाणा में कांग्रेस को मजबूत स्थिति में लाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। कैथल में उनके इस बयान ने चुनावी समीकरणों को बदलने की संभावना को और भी बढ़ा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद की होड़ में कौन बाजी मारता है और क्या रणदीप सुरजेवाला अपनी “पुरानी मिस्त्री वाली नौकरी” दोबारा हासिल कर पाते हैं या नहीं।
