हरियाणा विधानसभा चुनाव : मायावती का बड़ा ऐलान, दलित को मिलेगा डिप्टी सीएम का पद
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के चलते बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलचलों को और बढ़ा दिया है। 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में अगर बसपा-इनेलो गठबंधन सत्ता में आता है, तो हरियाणा में एक दलित को डिप्टी सीएम बनाने का ऐलान किया गया है।
मायावती का ऐलान
बुधवार को जींद के उचाना में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि यदि उनका गठबंधन चुनाव जीतता है, तो इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेता अभय सिंह चौटाला मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक दलित नेता को डिप्टी सीएम का पद दिया जाएगा, जबकि दूसरा डिप्टी सीएम अन्य पिछड़े वर्ग या उच्च जाति से होगा।
जातीय जनगणना की मांग
मायावती ने अपने भाषण में जातीय जनगणना की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को जातीय जनगणना करानी चाहिए, जिसे पहले कांग्रेस सरकार ने और अब बीजेपी सरकार ने रोक रखा है।” उनके अनुसार, जातीय जनगणना देश के विकास और सामाजिक न्याय के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इनेलो का वादा
इनेलो के नेता अभय चौटाला ने भी सभा में कुछ कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन की सरकार बनी, तो प्रदेश की जनता को कई लाभकारी योजनाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर, परिवारों को 1,100 रुपये की नकद सहायता, मुफ्त बिजली और पुरानी पेंशन योजना का पुनः कार्यान्वयन शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान
चौटाला ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर देते हुए कहा कि बीमार होने पर यदि किसी को दूसरे राज्यों में इलाज के लिए जाना पड़े, तो उसे मुफ्त इलाज दिया जाएगा। इसके अलावा, गरीबों को 100 वर्ग गज का मुफ्त प्लॉट देने की भी बात कही गई।
चुनाव की तैयारी
हरियाणा में 5 अक्टूबर को मतदान होना है, और चुनावी नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इस बार के चुनाव में विभिन्न पार्टियों के बीच कांटेदार मुकाबला देखने को मिल सकता है। मायावती और चौटाला का यह गठबंधन अपने सामाजिक न्याय के नारे के साथ मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
समाज के विभिन्न वर्गों को लुभाने की कोशिश
इस ऐलान के जरिए बसपा और इनेलो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे समाज के विभिन्न वर्गों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। दलितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए, मायावती ने उन्हें राजनीतिक हिस्सेदारी का आश्वासन दिया है। यह गठबंधन न केवल दलितों, बल्कि अन्य पिछड़े वर्गों और उच्च जातियों को भी अपनी योजनाओं का लाभ देने का प्रयास कर रहा है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में मायावती का यह ऐलान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह दिखाता है कि बसपा और इनेलो सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दे रहे हैं और चुनावी मैदान में अपने सहयोगियों के माध्यम से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इस गठबंधन को कितनी सफलता देते हैं और क्या वादे जमीन पर उतरते हैं। चुनावी माहौल में यह घोषणाएं निश्चित रूप से प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती हैं।
