हरियाणा में पटाखों पर प्रतिबंध : केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम
हरियाणा सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 22 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस आदेश में ग्रीन पटाखों और बेरियम साल्ट को छोड़कर बाकी सभी प्रकार के पटाखों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया गया है। सिरसा के जिला मजिस्ट्रेट शांतनु शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किया है।
ग्रीन पटाखों का सीमित उपयोग
इस आदेश के अनुसार, ग्रीन पटाखों का उपयोग कुछ विशेष अवसरों पर ही किया जा सकेगा, जैसे कि दीपावली, गुरु पर्व, क्रिसमस, और नए साल की पूर्व संध्या। लेकिन इन अवसरों पर भी पटाखे फोड़ने का समय निश्चित किया गया है। दिवाली और गुरु पर्व पर पटाखे केवल रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक फोड़ने की अनुमति होगी। वहीं, क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर यह समय रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक होगा।
ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों जैसे फ्लिपकार्ट और अमेजन आदि पर पटाखों का ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कदम भी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। जो लोग इस आदेश का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण की सुरक्षा का प्रयास
यह निर्णय उस समय लिया गया है जब देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है, खासकर त्यौहारों के मौसम में। पटाखों से निकलने वाले धुएं और धूल के कणों के कारण वायु की गुणवत्ता में भारी गिरावट आती है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
जन जागरूकता की आवश्यकता
इस संबंध में स्थानीय प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने का भी कार्य शुरू किया है। प्रशासन का मानना है कि जब तक लोग खुद प्रदूषण के दुष्प्रभावों को समझेंगे और सतर्क रहेंगे, तब तक किसी भी प्रतिबंध का वास्तविक असर नहीं होगा। इसलिए, लोगों को ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है।
हरियाणा सरकार का यह कदम प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उठाया गया है। ग्रीन पटाखों के सीमित उपयोग की अनुमति देकर, सरकार ने पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ त्योहारों की खुशी को भी बनाए रखने का प्रयास किया है। अब देखना यह है कि लोग इस आदेश का पालन करते हैं या नहीं, और कितनी सफलतापूर्वक प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस प्रकार, हरियाणा में पटाखों पर लगाए गए इस प्रतिबंध ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि हमें अपने पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए।
