हरियाणा : कुमारी सैलजा के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान, जानें पूरा मामला
कांग्रेस में विवाद का नया मोड़
हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के अंदर हाल ही में एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस की उम्मीदवारों की सूची के बाद पार्टी में असंतोष और खींचतान तेज हो गई है। कांग्रेस के नेताओं भूपेंद्र हुड्डा और कुमारी सैलजा के बीच चल रहे विवाद ने पार्टी के अंदर उथल-पुथल मचा दी है। इस विवाद ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच गहरी खाई पैदा कर दी है, जो पार्टी के लिए एक नई चुनौती साबित हो सकती है।
टिकट वितरण पर विवाद
वर्तमान में कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इस सूची में सैलजा गुट के दर्जनभर नेताओं को टिकट नहीं मिला है। टिकट वितरण को लेकर कुमारी सैलजा की नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। इसके परिणामस्वरूप, उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर कुछ रिपोर्टों ने दावा किया है कि कुमारी सैलजा ने सोनिया गांधी के सामने अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी है, और इसका कारण सीट वितरण में भूपेंद्र हुड्डा का दबदबा बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप
सोशल मीडिया पर ‘हरियाणवी ताऊ’ नाम के एक हैंडल ने यह दावा किया कि कुमारी सैलजा ने अपने इस्तीफे की पेशकश की है। इस पोस्ट में कहा गया है कि टिकट वितरण में भूपेंद्र हुड्डा का दबदबा सैलजा के इस्तीफे का मुख्य कारण है। हालांकि, ‘हरियाणा मांगे सैलजा’ नाम के सोशल मीडिया हैंडल से इस दावे का खंडन किया गया है। इस हैंडल ने सफाई दी है कि यह खबर पूरी तरह से झूठी और निराधार है। इसमें कहा गया है कि भाजपा का IT Cell कुमारी सैलजा से डरता है और पुरानी खबरों को उछाल रहा है। इसके अलावा, इस हैंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि कुमारी सैलजा कांग्रेस परिवार के प्रति पूरी तरह से वफादार हैं और पार्टी के साथ बनी रहेंगी।
जी-23 ग्रुप का संदर्भ
‘हरियाणा मांगे सैलजा’ हैंडल ने अपनी सफाई में भूपेंद्र हुड्डा को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने जी-23 ग्रुप का उल्लेख किया, जिसे कुछ वर्षों पहले कांग्रेस के अंदर गांधी परिवार के वर्चस्व के खिलाफ बनाया गया था। इस ग्रुप में भूपेंद्र हुड्डा भी शामिल थे। हालांकि, जी-23 ग्रुप को प्रियंका गांधी ने भूपेंद्र हुड्डा के सहयोग से तोड़ दिया था। इस संदर्भ में सैलजा के समर्थकों ने हुड्डा पर भी उंगली उठाई है।
सैलजा के इस्तीफे की सच्चाई
कुमारी सैलजा, जो कि हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, ने इस विवाद के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट की है। वह कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं और उनके इस्तीफे की खबर पूरी तरह से गलत और निराधार बताई जा रही है। यह विवाद कांग्रेस के अंदर की राजनीति का एक हिस्सा है और इसकी गहराई को समझना पार्टी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कांग्रेस में कुमारी सैलजा के इस्तीफे की खबर ने पार्टी के अंदर के विवादों को उजागर किया है। इस विवाद ने पार्टी की एकता को चुनौती दी है और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर प्रभाव डाला है। सैलजा की स्थिति और उनके द्वारा किए जा रहे प्रयास कांग्रेस के भविष्य को आकार देंगे, और यह देखना होगा कि पार्टी इस संकट को कैसे हल करती है।
