कार खरीदने का है मन तो टाल दो प्लान ,10 लाख की होगी Nexon EV, इलेक्ट्रिक कारों का भविष्य

 

इलेक्ट्रिक कारों का बढ़ता बाजार

भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। सभी प्रमुख कार निर्माता कंपनियां इस सेग्मेंट में या तो उतर चुकी हैं या उतरने की तैयारी कर रही हैं। टाटा मोटर्स ने अपनी प्रमुख कारों का इलेक्ट्रिक वर्जन लॉन्च किया है, जिससे वह इस क्षेत्र में अग्रणी बन गई है। हालांकि, अभी भी इलेक्ट्रिक कारें जनता की मुख्य धारा का हिस्सा नहीं बन पाई हैं। इसकी मुख्य वजहें हैं: उच्च कीमतें, सीमित रेंज, चार्जिंग स्टेशनों की कमी, और बैटरी चार्ज करने में लगने वाला समय।

आम उपभोक्ता की आवश्यकताएँ

भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कार केवल एक साधन नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतों का हिस्सा होती है। जब कोई व्यक्ति कार खरीदता है, तो वह इसे लंबे समय तक चलाने और परिवार के साथ यात्रा करने के लिए देखता है। इस संदर्भ में, 500-1000 किमी की यात्रा करना आवश्यक है। लेकिन मौजूदा इलेक्ट्रिक कारें इस तरह की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। यही कारण है कि उपभोक्ता अभी इलेक्ट्रिक कारों की खरीदारी में संकोच कर रहे हैं।

भविष्य में क्या बदलाव आ सकते हैं?

हालांकि, इस स्थिति में बदलाव की संभावनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले 2-3 वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में गिरावट आएगी और बैटरी चार्जिंग का समय भी कम होगा। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 तक यूरोप और 2026 तक अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें पेट्रोल-डीजल वर्जन के समान होंगी। रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक बिकने वाली तीन में से दो कारें इलेक्ट्रिक हो सकती हैं।

बैटरी की कीमतों में गिरावट

बीते वर्ष में, लिथियम-आयन बैटरी की कीमत 151 डॉलर प्रति kWh थी, जो अब तक 60 से 90 डॉलर तक गिरने की संभावना है। यूरोप में हाल ही में बैटरी की कीमत 100 डॉलर प्रति kWh से नीचे आई है। यह कमी इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों को कम करने में सहायक साबित होगी, जिससे भारतीय बाजार में भी कीमतें घटने की उम्मीद है। जैसे, Nexon जैसी कारें जो वर्तमान में 15 लाख रुपये की हैं, उनकी कीमत 10 लाख रुपये तक आ सकती है।

तेजी से चार्ज होने वाली बैटरी

एक नई तकनीक के तहत, दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी निर्माता कंपनी CATL ने एक ऐसा चार्जर विकसित किया है, जिससे कारों को केवल 10 मिनट में 60% तक चार्ज किया जा सकता है। इसका मतलब है कि यदि कोई कार 700 किमी की रेंज वाली है, तो उसे 10 मिनट में इतना चार्ज किया जा सकता है कि वह 400 किमी की यात्रा कर सके। इस तकनीक से चार्जिंग का समय पेट्रोल-डीजल भरवाने के समय के करीब आ जाएगा, जिससे इलेक्ट्रिक कारों की उपयोगिता बढ़ जाएगी।

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की कीमत कब घटेगी?

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें भी वैश्विक रुझानों के साथ बदलने की संभावना है। देश में टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियां नए उत्पादों के साथ बाजार में सक्रिय हैं। सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की भविष्यवाणी के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में भारी कटौती की उम्मीद है।

 

इलेक्ट्रिक कारों का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे नई तकनीक और बैटरी की लागत में कमी आएगी, उपभोक्ताओं की इलेक्ट्रिक कारों की ओर रुझान बढ़ेगा। Nexon EV जैसी कारें अगले कुछ वर्षों में 10 लाख रुपये की रेंज में उपलब्ध हो सकती हैं, जिससे ये अधिक लोगों के लिए सस्ती और सुलभ बन जाएंगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत में कब तक ये बदलाव धरातल पर उतरते हैं।

Leave a Comment