हरियाणा में 26.82 करोड़ रुपये की अवैध शराब और नगदी पकड़ी गई
चुनावी प्रक्रिया में सख्ती बरतने का प्रयास
हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। 5 अक्टूबर 2024 को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राज्य की पुलिस और अन्य एजेंसियों ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। इस संबंध में, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
अवैध गतिविधियों पर नजर
राज्य में विभिन्न एजेंसियों द्वारा अवैध शराब, मादक पदार्थों और नगद राशि की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पिछले एक महीने में, यानी 16 अगस्त से 16 सितंबर 2024 तक, हरियाणा में कुल 26.82 करोड़ रुपये की अवैध शराब, मादक पदार्थ और नगद राशि जब्त की गई है। यह कार्रवाई विभिन्न सरकारी एजेंसियों की संयुक्त मेहनत का परिणाम है।
निगरानी में शामिल एजेंसियां
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा पुलिस के साथ-साथ आयकर विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, राज्य वस्तु एवं सेवा कर, रेलवे सुरक्षा बल और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जैसे विभिन्न विभागों की टीमें लगातार इस गतिविधि पर नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद यह सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में जुट गए हैं।
मतदाताओं को प्रलोभन से बचाना
निर्वाचन आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से बचाना है। चुनावी माहौल में अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पंकज अग्रवाल ने बताया कि इस सख्ती का मुख्य कारण मतदाताओं का अधिकार सुरक्षित रखना और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना है।
चुनावी सख्ती का प्रभाव
पिछले कुछ वर्षों में चुनावों के दौरान अवैध शराब और नगद की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सख्त निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि सरकार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के प्रति गंभीर है।
हरियाणा में 26.82 करोड़ रुपये की अवैध शराब और नगदी का पकड़ा जाना चुनावी प्रक्रिया की सख्ती का संकेत है। यह कदम न केवल मतदान की निष्पक्षता को सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासन इस बार चुनावों को गंभीरता से ले रहा है। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, राज्य में पुलिस और अन्य एजेंसियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
इस प्रकार, हरियाणा में चुनावी माहौल को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रशासन और निर्वाचन आयोग की कोशिशें प्रशंसा के योग्य हैं।
