कोलकाता कांड : ममता बनर्जी ने मान लीं तीन प्रमुख मांगें, लेकिन डॉक्टर्स ने हड़ताल जारी रखी

कोलकाता कांड : ममता बनर्जी ने मान लीं तीन प्रमुख मांगें, लेकिन डॉक्टर्स ने हड़ताल जारी रखी

ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल और डिप्टी कमिश्नर (उत्तर) समेत चार वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। इस फैसले के बाद जूनियर डॉक्टरों ने इसका स्वागत किया और इसे अपनी नैतिक जीत बताया। हालांकि, उन्होंने अपनी हड़ताल और प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है, यह बताते हुए कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।

 

हड़ताली डॉक्टरों की पांच प्रमुख मांगें

जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल के दौरान पांच प्रमुख मांगें उठाईं :

1. मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी सजा : आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के मुख्य आरोपी संजय राय की गिरफ्तारी और अपराध स्थल से छेड़छाड़ करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

2. पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ एक्शन : डॉ. संदीप घोष के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

3. स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए : अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज परिसरों में सुरक्षा के उपायों को सुनिश्चित करने की मांग की गई।

4. सरकारी अस्पतालों में धमकी देने वाली संस्कृति का अंत : अस्पतालों में धमकी देने वाली संस्कृति को समाप्त करने की मांग की गई।

5. दोषी अफसरों को हटाया जाए : कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल और अन्य दोषी अधिकारियों को उनके पदों से हटाने की मांग की गई।

 

कौन-कौन सी मांगें मान ली गईं?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है :

– अरेस्ट और एक्शन : घटनाकांड का मुख्य आरोपी संजय राय पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया है।

– अफसरों की जगहांतरण : कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल और डिप्टी पुलिस कमिश्नर को उनके पदों से हटा दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक कौस्तव नाइक और स्वास्थ्य सेवा निदेशक देबाशीष हलदर को भी हटा दिया गया है।

– सुरक्षा उपाय : अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज परिसरों में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स में गृह सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त और जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

 

किन मांगों पर अटकी बात?

हालांकि, कुछ मांगें अब भी अधूरी हैं :

– स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार : जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की समस्या को हल करने की मांग की है और प्रमुख सचिव को हटाने की भी अपील की है। हालांकि, सरकार ने इस पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

– अस्पतालों में सुरक्षा उपाय : डॉक्टरों ने अस्पतालों में भ्रष्टाचार और सुरक्षा उपायों पर अभी तक केवल मौखिक आश्वासन ही प्राप्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में सक्रिय सिंडिकेट और भ्रष्टाचार के रैकेट पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को उनके पद से हटा दिया गया है और उन्होंने डॉक्टरों से अपील की है कि वे काम पर लौटें। ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार ने अधिकांश मांगों को मान लिया है और स्वास्थ्य क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित मामलों के समाधान के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है।

क्या है मामला?

9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव मिला था, जिसमें रेप और हत्या के सबूत सामने आए थे। इस घटना ने जूनियर डॉक्टरों को नाराज कर दिया और उन्होंने हड़ताल शुरू कर दी। यह हड़ताल देशभर में विरोध-प्रदर्शन का कारण बनी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि डॉक्टरों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं, लेकिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई की मांग जारी रखी है।

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