भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं। लग्जरी कारों का उत्पादन भारत में तेजी से बढ़ रहा है, और इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें केंद्र सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव भी शामिल है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हाल ही में जर्मनी की प्रसिद्ध कार कंपनी मर्सिडीज-बेंज द्वारा उठाया गया है, जिसने अपनी नई इलेक्ट्रिक एसयूवी, ईक्यूएस, का उत्पादन भारत में शुरू करने का निर्णय लिया है।
मर्सिडीज-बेंज की ईक्यूएस का भारतीय उत्पादन
ईक्यूएस एसयूवी की खासियत
मर्सिडीज-बेंज की ईक्यूएस एसयूवी एक लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहन है, जिसकी कीमत 1.41 करोड़ रुपये है। अमेरिका के बाद, भारत दूसरा ऐसा देश है, जहां पर इस लग्जरी इलेक्ट्रिक एसयूवी की असेंबलिंग की जाएगी। इससे भारतीय बाजार में लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों की उपलब्धता में वृद्धि होगी, जो पर्यावरण के प्रति जागरूक ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
200 करोड़ रुपये का निवेश
मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए 2024 में अतिरिक्त 200 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि नए उत्पादों की पेशकश और मैन्युफैक्चरिंग में डिजिटाइजेशन का भी लाभ मिलेगा। पहले से ही, मर्सिडीज-बेंज ईक्यूएस सेडान को भारत में बना रही है, और अब तक लगभग 500 यूनिट्स बेची जा चुकी हैं।
‘मेक इन इंडिया’ की सफलता
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के MD और CEO, संतोष अय्यर ने कहा, “यह हमारी स्थानीय दक्षता को दर्शाता है। इससे भारतीय ग्राहकों के लिए वैल्यू क्रिएट होगी और सरकार के विजन ‘मेक इन इंडिया’ को सहारा मिलेगा।” इस तरह के कदम से भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में न केवल रोजगार का सृजन होगा, बल्कि इससे भारतीय ग्राहकों को गुणवत्ता और तकनीकी उन्नति का भी लाभ मिलेगा।
टाटा ग्रुप का योगदान
टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली कंपनी जगुआर लैंड-रोवर (जेएलआर) ने भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में, जेएलआर ने घोषणा की कि वह अपने फ्लैगशिप मॉडल, रेंज रोवर और रेंज रोवर स्पोर्ट्स की पहली बार भारत में असेंबलिंग शुरू करेगी। इससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि यह भारतीय ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले लग्जरी वाहनों को और अधिक सुलभ बनाएगा।
टाटा की लग्जरी कारें
वर्तमान में, टाटा के पुणे प्लांट में रेंज रोवर वेलार, रेंज रोवर इवोक, जगुआर एफ-पेस और डिस्कवरी स्पोर्ट जैसे मॉडल का उत्पादन किया जा रहा है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि फ्लैगशिप मॉडल की स्थानीय असेंबली कंपनी की भारतीय इकाई के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो बाजार में कंपनी के भरोसे को दर्शाता है।
भविष्य की संभावनाएं
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में लग्जरी कारों का उत्पादन बढ़ने से यह संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार अब केवल किफायती कारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि उपभोक्ता उच्च गुणवत्ता और प्रीमियम अनुभव की मांग कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में और भी कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स भारत में अपने उत्पादन का विस्तार कर सकते हैं।
भारत में लग्जरी कारों का उत्पादन बढ़ने से न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिलेंगे, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी सशक्त बनाएगा। मर्सिडीज-बेंज और टाटा जैसे बड़े ब्रांड्स के कदम से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में उठाए गए कदम न केवल ग्राहकों के लिए लाभकारी हैं, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
