आज के डिजिटल युग में, मोबाइल फोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। भारत में 1.2 अरब से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं, जिसमें लगभग 60 करोड़ स्मार्टफोन उपयोगकर्ता शामिल हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदी में मोबाइल फोन को क्या कहते हैं? इसे हिंदी में ‘सचल दूरभाष यंत्र’ कहा जाता है। इस लेख में हम मोबाइल फोन के महत्व, इसके इतिहास और इसकी उपयोगिता पर चर्चा करेंगे।
मोबाइल फोन का अर्थ
हिंदी में मोबाइल का मतलब
मोबाइल फोन को हिंदी में ‘सचल दूरभाष यंत्र’ कहा जाता है। हालांकि, यह शब्द सामान्य बोलचाल में लोगों के लिए थोड़ा कठिन है। इसीलिए, आमतौर पर लोग इसे ‘मोबाइल’, ‘फोन’ या ‘स्मार्टफोन’ के नाम से ही जानते हैं।
क्या आप जानते हैं कि मोबाइल का फुल फॉर्म क्या है? ‘Mobile’ का पूरा नाम ‘मॉडिफाइड ऑपरेशन बाइट इंटीग्रेशन लिमिटेड एनर्जी’ है। इसे ‘सचल’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
भारत में मोबाइल फोन की शुरुआत
एक ऐतिहासिक पल
भारत में मोबाइल फोन की शुरुआत 1995 में हुई थी। उस समय बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम के साथ 31 जुलाई, 1995 को पहली बार मोबाइल पर बात की थी। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था जिसने देश में मोबाइल संचार की क्रांति की शुरुआत की।
मोबाइल सेवा का विस्तार
भारत में पहला मोबाइल कॉल मोबाइलनेट नेटवर्क का उपयोग करके कोलकाता के राइटर्स बिल्डिंग से दिल्ली स्थित संचार भवन के बीच किया गया था। इस सेवा को लोगों तक पहुंचाने में नोकिया के फोन का सहयोग मिला था। पहली मोबाइल ऑपरेटर कंपनी मोदी टेल्स्ट्रा थी, जो भारतीय मोदी ग्रुप और ऑस्ट्रेलिया की टेलीकॉम कंपनी टेल्स्ट्रा का ज्वाइंट वेंचर था।
मोबाइल की उपयोगिता और वर्तमान स्थिति
जीवन की सरलता
मोबाइल फोन ने हमारे जीवन को सरल बना दिया है। आज, हम कहीं भी रहते हुए भी अपने प्रियजनों से जुड़े रह सकते हैं। भारत में 2021 में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.2 अरब थी, और अगले पांच वर्षों में यह संख्या बढ़कर एक अरब होने की उम्मीद है।
मोबाइल डेटा और किफायती दरें
आज भारत उन देशों में शामिल है, जहां मोबाइल डेटा की कीमत सबसे कम है। शुरुआत में एक आउटगोइंग कॉल की कीमत 16 रुपये प्रति मिनट थी, लेकिन अब यह दरें काफी किफायती हो गई हैं।
मोबाइल से जुड़े दिलचस्प तथ्य
– पहली मोबाइल कॉल 3 अप्रैल, 1973 को मोटोरोला के रिसर्चर मार्टिन कूपर द्वारा की गई थी।
– दुनिया का पहला फोन 1983 में अमेरिका के एक व्यक्ति ने करीब 2,68,000 रुपये में खरीदा था।
– नोकिया 1100 कीपैड फोन अब तक के सबसे ज्यादा बिकने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में से एक है, जिसकी 25 करोड़ से ज्यादा यूनिट बिक चुकी हैं।
– लगभग 90% वयस्कों का मोबाइल फोन हमेशा उनकी पहुंच में रहता है।
मोबाइल फोन ने संचार के तरीके को बदलकर रख दिया है। यह न केवल संपर्क बनाने का एक माध्यम है, बल्कि हमारे जीवन के कई पहलुओं को सरल और सुविधाजनक बना दिया है। आज, मोबाइल फोन की उपयोगिता को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह एक आधुनिक जरूरत बन चुका है।
इसलिए, अगली बार जब आप अपने मोबाइल फोन का उपयोग करें, तो इसके इतिहास और महत्व को याद रखें। स्मार्टफोन का सही उपयोग करके हम अपने जीवन को और भी बेहतर बना सकते हैं।
