प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठाए सवाल : क्या बन पाएंगे प्रधानमंत्री?

प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठाए सवाल: क्या बन पाएंगे प्रधानमंत्री?

बिहार के प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने हाल ही में ‘इंडिया टीवी’ के शो ‘आप की अदालत’ में राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी की है। उनके बयान ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के समर्थकों के बीच एक नई चर्चा छेड़ दी है।

 

राहुल गांधी का राजनीतिक रिवाइवल: प्रशांत किशोर का दृष्टिकोण

प्रशांत किशोर ने अपने इंटरव्यू में कांग्रेस के नेतृत्व में राहुल गांधी की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के परफॉर्मेंस का क्रेडिट राहुल गांधी को मिलना चाहिए। उन्होंने नेतृत्व किया और पार्टी को 99 सीटें दिलाईं।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा अभी बहुत लंबी है और उन्हें बहुत आगे बढ़ना है।

 

प्रशांत किशोर ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हार का उदाहरण देते हुए कहा कि 1977 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को 154 सीटें मिली थीं। इसके मुकाबले, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को हाल ही में 99 सीटें मिली हैं। पीके ने इस तुलना के माध्यम से यह दर्शाने की कोशिश की कि राहुल गांधी के लिए अभी बहुत अधिक राजनीतिक सफर तय करना है।

 

क्या राहुल गांधी बन पाएंगे प्रधानमंत्री?

जब प्रशांत किशोर से पूछा गया कि क्या राहुल गांधी भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, तो उन्होंने सीधे तौर पर इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, “कांग्रेस के वह नेता जरूर हैं। इस आम चुनाव ने उन्हें कांग्रेस के लीडर के तौर पर जरूर खड़ा किया। अगले पांच-10 साल तो कोई नहीं कहेगा कि उनके अलावा और कोई नेता है पर देश के नेता के तौर पर वह उभर कर आए हैं या नहीं? इस बात के लिए अभी समय है, काफी समय है। 99 सीटें आना एक बात है और 250 या फिर 260 सीटें जीतना दूसरी बात है।”

 

इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि प्रशांत किशोर राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की संभावना को लेकर संकोचित हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री बनने के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है और उन्हें पहले पार्टी के अंदर और देश की राजनीति में अपने प्रभाव को और मजबूत करना होगा।

 

कांग्रेस का प्रदर्शन और राहुल गांधी की स्थिति

लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने 99 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। राहुल गांधी ने दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा था – वायनाड (केरल) और रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। उन्होंने दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, लेकिन नियमों के तहत एक सीट छोड़नी पड़ी, जिसमें उन्होंने वायनाड सीट छोड़ी और रायबरेली को चुना।

 

प्रशांत किशोर का यह बयान कांग्रेस और राहुल गांधी के भविष्य की दिशा को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत है। उनका कहना है कि राहुल गांधी के लिए प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा करने के लिए अभी उन्हें काफी लंबा रास्ता तय करना होगा।

 

प्रशांत किशोर का इंटरव्यू कांग्रेस और राहुल गांधी के समर्थकों के लिए एक चेतावनी हो सकता है। यह बात कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए अभी और मेहनत करनी होगी, पार्टी के लिए एक चुनौती है। चुनावी रणनीतिकार की इस टिप्पणी से कांग्रेस के भविष्य की रणनीति और नेतृत्व की दिशा पर भी सवाल उठते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं और अपनी राजनीतिक यात्रा को कैसे आगे बढ़ाते हैं।

 

 

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