वर्जीनिया में राहुल गांधी का संघ पर हमला : बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ तीखे आरोप

वर्जीनिया में राहुल गांधी का संघ पर हमला : बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ तीखे आरोप

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। अपने अमेरिकी दौरे के दौरान वर्जीनिया में प्रवासी भारतीयों के समुदाय को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उनके बयान ने भारतीय राजनीति और संघ की विचारधारा पर एक नई बहस छेड़ दी है।

 

राहुल गांधी का संघ पर सीधा प्रहार

वर्जीनिया में अपने संबोधन में राहुल गांधी ने आरएसएस की विचारधारा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस का मानना है कि कुछ राज्य और भाषाएं अन्य की तुलना में कमतर हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, “आरएसएस कहती है कि तमिल, मराठी, बंगाली और मणिपुरी जैसी भाषाएं कमतर हैं। हमारी लड़ाई इसी के खिलाफ है।” उनका यह बयान इस बात को दर्शाता है कि वे आरएसएस की विचारधारा को भारतीय विविधता और समानता के खिलाफ मानते हैं।

 

राहुल गांधी ने आगे कहा, “हमारी सोच यह है कि आप चाहे पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र या किसी भी राज्य से हों, आपके पास अपना इतिहास, परंपरा और भाषा है, और हर किसी की समान अहमियत है।” इस बयान के माध्यम से राहुल गांधी ने भारतीय समाज की विविधता और एकता को महत्वपूर्ण बताते हुए संघ की विचारधारा पर सवाल उठाया है।

 

बीजेपी का डर अब खत्म हो गया: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से तीन महीने पहले कांग्रेस पार्टी के सभी बैंक अकाउंट्स सील कर दिए गए थे। उन्होंने इस स्थिति का सामना करते हुए चुनाव लड़ा और बाद में कहा, “डर अब निकल गया है। बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे कारोबारियों पर दबाव डालकर डर का माहौल फैलाया था, लेकिन यह डर अब चंद सेकंड में गायब हो गया है।”

 

राहुल गांधी ने संसद में मोदी की नाकामी की ओर इशारा करते हुए कहा, “मोदी जी का 56 इंच का सीना, ईश्वर से सीधा संबंध होने का दावा – सब अब इतिहास बन चुका है।” उनका यह बयान बीजेपी के नेतृत्व पर सीधा हमला है, जिसमें उन्होंने मोदी की छवि को लेकर सवाल उठाए हैं।

 

यूनियन ऑफ स्टेट्स पर राहुल गांधी की टिप्पणी

राहुल गांधी ने भारतीय संविधान की भी चर्चा की और कहा, “भारत को यूनियन ऑफ स्टेट्स कहा जाता है। संविधान में लिखा है कि ‘इंडिया दैट इज भारत इज अ यूनियन स्टेट’, जिसका मतलब है कि यह यूनियन ऑफ स्टेट्स, यूनियन ऑफ लैंग्वेजेज और यूनियन ऑफ हिस्ट्री है।” उन्होंने आरएसएस पर आरोप लगाया कि वे इस तथ्य को नहीं मानते और इसे अलग-अलग हिस्सों में बांटते हैं। राहुल गांधी ने इस संदर्भ में नागपुर का भी उल्लेख किया और कहा कि संघ का हेडक्वार्टर नागपुर में है, जो उनके विचारधारा का केंद्र है।

 

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में राहुल गांधी की टिप्पणी

अमेरिका के दौरे के पहले दिन, राहुल गांधी ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में भी भाषण दिया। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और भारतीय संस्कृति पर चर्चा की। खासतौर पर, उन्होंने देवता शब्द के अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि देवता वह होता है जिसकी आंतरिक भावनाएं और बाहरी अभिव्यक्ति मेल खाती हैं। उन्होंने शिव के विचारों पर भी प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि शिव अपने अहंकार और मान्यताओं का विनाश करते हैं, और यही भारतीय राजनीति का मूल विचार है।

राहुल गांधी का अमेरिका दौरा भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे और संघ पर लगाए गए आरोप कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे को नया दिशा दे सकते हैं। बीजेपी और संघ के खिलाफ उनकी टिप्पणियां न केवल भारतीय राजनीति में हलचल मचा सकती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय राजनीति की विविधता और चुनौतियों को उजागर कर सकती हैं।

 

 

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