रणजीत सिंह चौटाला ने कांग्रेस में जाने की अटकलों को किया खारिज

रणजीत सिंह चौटाला ने कांग्रेस में जाने की अटकलों को किया खारिज

बीजेपी में बने रहने की पुष्टि

हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2024 की आहट के साथ ही नेताओं के दल बदलने की चर्चाएँ गर्म हो गई हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से यह दावा किया जा रहा था कि नायब सिंह सैनी सरकार में मंत्री रणजीत सिंह चौटाला बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इन अटकलों के बीच, मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं और बीजेपी में ही बने रहेंगे।

रणजीत सिंह चौटाला का स्पष्ट बयान

मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर खुलासा करते हुए कहा कि, “मैं कांग्रेस में नहीं जा रहा हूं। मैं हर हाल में बीजेपी में रहूंगा। बीजेपी ने मुझे बहुत मान-सम्मान दिया है। हिसार से लोकसभा की टिकट देकर मेरा मान बढ़ाया। सोशल मीडिया पर जो भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, वह सच नहीं है।” चौटाला ने यह भी कहा कि उनके कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की खबरें पूरी तरह से आधारहीन हैं और उन्होंने किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं से मुलाकात नहीं की है।

अटकलों की वजह

रणजीत सिंह चौटाला के बीजेपी छोड़ने की अटकलें उस समय तेज हो गई थीं जब वह हाल ही में दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरे के दौरान यह खबर सामने आई कि उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं से मुलाकात की है, जिससे यह कयास लगाए जाने लगे कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, चौटाला ने अब इन सभी दावों का खंडन करते हुए साफ कर दिया है कि वह बीजेपी में ही बने रहेंगे।

हरियाणा में दल बदलने की प्रवृत्ति

हरियाणा में विधानसभा चुनावों से पहले नेताओं के दल बदलने की प्रवृत्ति ने राजनीति को और भी उत्सुक बना दिया है। इस समय के दौरान कई नेता अपनी-अपनी पार्टियों को छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो रहे हैं। रणजीत सिंह चौटाला का बयान इसी संदर्भ में आया है जब यह खबरें फैल रही थीं कि वह भी बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।

रणजीत सिंह चौटाला का राजनीतिक सफर

साल 2019 के विधानसभा चुनाव में रणजीत सिंह चौटाला ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। इसके बाद, इस साल हुए लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था। बीजेपी ने उन्हें सिरसा से लोकसभा का प्रत्याशी भी बनाया, लेकिन वह कांग्रेस के जयप्रकाश से हार गए थे। उनके बीजेपी में बने रहने का यह फैसला पार्टी के प्रति उनके समर्पण और विश्वास को दर्शाता है।

रणजीत सिंह चौटाला का स्पष्ट बयान यह संकेत देता है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ बने रहेंगे और कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे। इस स्थिति ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा में थीं। हरियाणा की राजनीति में चल रही हलचल के बीच, चौटाला का यह कदम राजनीतिक स्थिरता और स्पष्टता की ओर एक महत्वपूर्ण संकेत है।

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