सिरसा विधानसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के नाती गोकुल सेतिया को टिकट दिया, नामांकन की तैयारी

सिरसा विधानसभा चुनाव 2024 : कांग्रेस ने पूर्व मंत्री के नाती गोकुल सेतिया को टिकट दिया, नामांकन की तैयारी

कांग्रेस में नए चेहरों का आगमन

हरियाणा की सिरसा विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस पार्टी ने महत्वपूर्ण और दिलचस्प उम्मीदवार की घोषणा की है। कांग्रेस ने सिरसा की राजनीति के कद्दावर नेता स्वर्गीय लक्ष्मण दास अरोड़ा के नाती गोकुल सेतिया को इस सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। गोकुल सेतिया, जिन्होंने 3 सितंबर 2024 को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, अब केवल 9 दिन बाद कांग्रेस की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

 

गोकुल सेतिया आज नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही सिरसा में एक भव्य रोड शो भी आयोजित करेंगे। यह रोड शो उनके चुनावी अभियान की शुरुआत का प्रतीक होगा और स्थानीय जनता के बीच उनकी उपस्थिति को मजबूत करने का एक प्रयास है।

 

गोकुल सेतिया की राजनीति में एंट्री

गोकुल सेतिया ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कांग्रेस में शामिल होकर की है। इससे पहले, उन्होंने 26 अगस्त 2024 को सेतिया रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे अभी कोई निर्णय नहीं लेंगे और परिस्थितियों के अनुसार अपना कदम उठाएंगे। इस बैठक के एक सप्ताह बाद, गोकुल सेतिया ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और अब कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

 

गोकुल सेतिया पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र 600 मतों से हार गए थे। उनके लिए कांग्रेस का टिकट मिलने से उनकी राजनीतिक यात्रा में एक नया मोड़ आया है।

 

इनेलो और अन्य दलों से संबंध

गोकुल सेतिया ने अपनी कार्यकर्ता बैठक के दौरान इनेलो नेता अभय चौटाला और इनेलो कार्यकर्ताओं के प्रति आभार प्रकट किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले चुनाव में इनेलो का समर्थन उनके लिए महत्वपूर्ण था और अब उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से ऑफर मिल रहे हैं। यह बैठक कार्यकर्ताओं की सलाह लेने और आगे की रणनीति तय करने के लिए आयोजित की गई थी।

 

कांग्रेस के साथ गोकुल सेतिया का इतिहास

गोकुल सेतिया के परिवार की कांग्रेस पार्टी के साथ गहरी ऐतिहासिक जुड़ाव रही है। उनके दादा स्वर्गीय लक्ष्मण दास अरोड़ा ने 1970 के दशक से कांग्रेस पार्टी के साथ लंबा और सफल राजनीतिक करियर बिताया। अरोड़ा ने इस क्षेत्र से पांच बार विधायक और चार बार मंत्री का पद संभाला। उनकी पार्टी की सदस्यता 2009 के विधानसभा चुनाव में भी रही, जब उन्होंने बीमार होने के बावजूद 30,000 वोट प्राप्त किए थे।

 

परिवार की राजनीति का दौर

गोकुल सेतिया की मां सुनिता सेतिया ने वर्ष 2014 में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। सुनिता सेतिया ने बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद, गोकुल सेतिया ने 2019 में आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वे गोपाल कांडा से 603 वोटों से हार गए थे।

 

सिरसा विधानसभा चुनाव 2024 में गोकुल सेतिया की एंट्री कांग्रेस के लिए एक नया उत्साह लेकर आई है। उनके पूर्व मंत्री दादा की विरासत और हालिया कांग्रेस सदस्यता के साथ, वे चुनावी मैदान में एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करेंगे। आज नामांकन के साथ ही उनका रोड शो इस बात का संकेत है कि वे इस चुनावी मुकाबले को गंभीरता से ले रहे हैं। सिरसा की जनता के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि गोकुल सेतिया की इस नई राजनीतिक यात्रा में उन्हें सफलता मिलती है या नहीं।

 

 

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