सितंबर में आलू की अगेती किस्‍मों की बुआई : 70 दिनों में बंपर पैदावार

सितंबर में आलू की अगेती किस्‍मों की बुआई : 70 दिनों में बंपर पैदावार

आलू की अगेती किस्‍मों की महत्वता

आलू एक ऐसी प्रमुख खाद्य फसल है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है। सही किस्‍म का चयन करके न केवल पैदावार को बढ़ाया जा सकता है, बल्कि अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद की जा सकती है। खासकर, सितंबर महीने में बुआई के लिए अगेती आलू की किस्‍में एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। ये किस्‍में कम समय में बंपर पैदावार देने की क्षमता रखती हैं। आइए जानते हैं सितंबर में बुआई के लिए कौन-कौन सी अगेती आलू की किस्‍में आदर्श हो सकती हैं।

 

कुफरी अशोक: कम समय में उच्च उपज

विवरण : कुफरी अशोक, जिसे पी जे-376 भी कहा जाता है, एक अगेती किस्‍म है जो गंगा तटीय इलाकों में अच्छे से उगती है। यह सफेद आलू की किस्‍म है, जिसे विभिन्न खाद्य पदार्थों में उपयोग किया जाता है।

फसल की तैयारी : इस किस्‍म की फसल की तैयारी 70 से 80 दिन में हो जाती है।

उत्पादन क्षमता : प्रति हेक्‍टेयर 40 टन, औसतन 280 से 300 क्विंटल

फायदा : कुफरी अशोक उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, पंजाब और हरियाणा में उगाई जाती है और कम समय में अच्छी उपज देती है। यह किस्‍म जल्दी पकती है, जिससे किसानों को जल्द मुनाफा होता है।

 

कुफरी सूर्या: बड़ी उपज और उच्च गुणवत्ता

विवरण : कुफरी सूर्या अधिक तापमान सहन करने में सक्षम है और इसे फ्रेंच फ्राइज और चिप्स के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। इसका आकार अन्य किस्‍मों की तुलना में बड़ा होता है, जिससे इसे वाणिज्यिक उपयोग के लिए आदर्श माना जाता है।

 

फसल की तैयारी : इस किस्‍म की फसल की तैयारी 75 से 80 दिन में हो जाती है।

उत्पादन क्षमता : प्रति हेक्‍टेयर 300 से 350 क्विंटल

फायदा : कुफरी सूर्या की खेती सिंधु-गंगा क्षेत्र में की जाती है और चिप्स व स्नैक्स की मांग बढ़ने के कारण यह किस्‍म लाभकारी हो सकती है। इसका बड़ा आकार और उच्च गुणवत्ता इसे बाजार में विशेष बनाती है।

 

कुफरी पुखराज: सर्वाधिक उगाई जाने वाली किस्‍म

विवरण : कुफरी पुखराज भारत में सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली आलू की किस्‍म है और इसके उत्पादन में लगभग 33 प्रतिशत योगदान है। यह सफेद आलू की किस्‍म है, जो सभी प्रकार की जलवायु में उगाई जा सकती है।

फसल की तैयारी : इस किस्‍म की फसल की तैयारी 70 से 90 दिन में हो जाती है।

 

उत्पादन क्षमता : प्रति हेक्‍टेयर 400 क्विंटल

फायदा : कुफरी पुखराज उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में उगाई जाती है। यह किस्‍म कम तापमान वाले इलाकों के लिए भी उपयुक्त है और इसके बड़े उत्पादन की वजह से किसान को अच्छा मुनाफा मिलता है।

 

बुआई के लिए सुझाव

समय : आलू की अगेती किस्‍मों की बुआई 15 सितंबर से 25 सितंबर के बीच करनी चाहिए। इस समय के बीच बुआई करने से फसल के विकास के लिए अनुकूल मौसम मिलता है।

खाद और सिंचाई : सही मात्रा में खाद और नियमित सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि पौधों की वृद्धि सही तरीके से हो सके।

पौधों की देखभाल : पौधों की सही देखभाल और कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें। यह सुनिश्चित करता है कि फसल स्वस्थ रहे और उच्च गुणवत्ता की हो।

इन अगेती आलू की किस्‍मों की बुआई से आप कम समय में बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं और अपने फसल के उत्पादन को बेहतर बना सकते हैं। सही योजना और देखभाल के साथ, आप आलू की खेती से अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

 

 

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