500 रुपये के नकली नोटों की बढ़ती समस्या : RBI की नई चुनौती
RBI की सालाना रिपोर्ट में नए खुलासे
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 500 रुपये के नकली नोटों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई गई है। 19 मई को 2000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला लेने के बाद, अब RBI को 500 रुपये के नकली नोटों की बढ़ती संख्या से नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
500 रुपये के नकली नोटों की बढ़ती संख्या
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में 500 रुपये के लगभग 91,110 नकली नोट पकड़े गए। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 14.6 प्रतिशत अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि 500 रुपये के नकली नोटों की समस्या में तेजी आई है। 2022-23 में पकड़े गए नकली नोटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में 76,669 नकली 500 रुपये के नोट पकड़े गए थे।
2000 रुपये के नकली नोटों की संख्या में कमी
2000 रुपये के नकली नोटों की संख्या में कमी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2022-23 में 2000 रुपये के केवल 9,806 नकली नोट पकड़े गए, जो कि पिछले साल की तुलना में 28 प्रतिशत कम है। यह कमी RBI के लिए राहत की खबर हो सकती है, लेकिन 500 रुपये के नकली नोटों की बढ़ती संख्या एक नई चुनौती पेश कर रही है।
20 रुपये के नकली नोटों में भी वृद्धि
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 20 रुपये के नकली नोटों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 2022-23 में 20 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत, 10 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि और 100 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 14.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
नोट छापने की लागत
नकली नोटों के बढ़ते मामलों के बीच, RBI ने नोट छापने की लागत का भी खुलासा किया है। वित्त वर्ष 2022-23 में नोट छापने पर 4,682.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि पिछले साल यह खर्च 4,984.80 करोड़ रुपये था। इस खर्च में कमी से यह संकेत मिलता है कि RBI ने नोट छापने की प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने की कोशिश की है।
10 और 500 रुपये के नोटों की सर्कुलेशन में प्रमुख भूमिका
सर्कुलेशन की दृष्टि से, 10 रुपये और 500 रुपये के नोटों की महत्वपूर्ण भूमिका है। 31 मार्च तक, देश के कुल करेंसी सर्कुलेशन का 37.9 प्रतिशत 500 रुपये के नोट हैं। इसके बाद 10 रुपये के नोट की हिस्सेदारी 19.2 प्रतिशत है। इस तरह, 500 रुपये के नकली नोटों को सिस्टम से हटाना RBI की बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।
RBI के लिए 500 रुपये के नकली नोटों की बढ़ती समस्या एक गंभीर चुनौती है। इन नकली नोटों की घुसपैठ से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि जनता की विश्वास की भावना भी प्रभावित होती है। RBI को इस समस्या को हल करने के लिए त्वरित और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है, ताकि भारतीय मुद्रा प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
