महिलाओं की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं : सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया
सीएम योगी का स्पष्ट संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को अपनी शीर्ष प्राथमिकता मानती है और इस पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने यह बयान एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने कानून व्यवस्था, विकास कार्यों और आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों पर जोर दिया।
संवेदनशील समय और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियां
सीएम योगी ने आगामी पर्व-त्योहारों के संदर्भ में पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को बरावफात से शुरू होकर अनंत चतुदर्शी और गणेश उत्सव तक चलने वाले त्योहारों के बाद पितृ पक्ष और शारदीय नवरात्रि जैसे संवेदनशील समय में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। इस दौरान, पुलिस प्रशासन को 24×7 सक्रिय रहना होगा और किसी भी अराजक तत्व के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी जो माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।
महिला सुरक्षा पर सीएम योगी की विशेष ध्यान
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सीएम योगी ने विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि लव जिहाद, चेन स्नेचिंग, और ईव टीजिंग जैसी घटनाओं की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। महिला पुलिस बीट अधिकारियों को एक्टिव रखने और पेट्रोलिंग बढ़ाने की सलाह देते हुए, उन्होंने कहा कि इन घटनाओं पर सिपाही से लेकर डिप्टी एसपी तक की जवाबदेही तय की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर प्रत्येक जिले की दैनिक समीक्षा की जा रही है और जनपदों की घटनाओं की मॉनीटरिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त, ज़ोन और रेंज स्तर के अधिकारियों को भी अपने प्रभार के क्षेत्र में इसी प्रकार की निगरानी करनी होगी। पुलिस कमिश्नर को हर दिन डीजीपी को अपनी कमिश्नरेट की रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौपी गई है।
बजटीय आवंटन और केंद्रीय योजनाओं में सहभागिता
सीएम योगी ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने योजनाओं के बजटीय आवंटन के लिए प्रदर्शन को मानक बनाया है। उन्होंने अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को अपने विभागीय मंत्रियों के साथ मिलकर केंद्रीय योजनाओं में प्रदेश की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए।
शिकायत निवारण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनशिकायतों और समस्याओं की सुनवाई की जाए। आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, या स्थानीय थाना, तहसील, विकास खंड में पहुंचने वाले शिकायतकर्ताओं की पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनवाई की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का मानक होगा। मिथ्या या भ्रामक रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान न केवल महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासन की जिम्मेदारी को भी स्पष्ट करता है। उनके निर्देशों के अनुसार, आगामी दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
